बेटीयां 2
बाबुल का हाथ छोड़,
तुझे दूसरे घर को जाना हैं.. 💖
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छोड़ पुराने बंधन बिटिया,
तुझे उनको भी अपनाना हैं.. 💖
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चाहे तुझे सम्मान मिले,
चाहे कितना अपमान मिले.. 💖
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प्यार की खुशबु देकर उनको,
उन्ही का तुझे हो जाना हैं.. 💖
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बाबुल का वो घर बिटिया
पुराना तुझे लगने लगेगा.. 💖
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बारिश में उनके अपनेपन की,
ससुराल भी सुहाना तुझे लगने लगेगा.. 💖
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पल में हँसी, पल में ख़ुशी,
पल पल में तेरा सम्मान भी होगा.. 💖
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देखना एक रोज़ तेरे कदमों में बिटिया,
पूरा का पूरा आसमान भी होगा..
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